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Mahasamund. महासमुंद। स्थावर संपत्तियों के पंजीयन से जुड़ी गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में रायगढ़, महासमुंद एवं बालोद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रस्तुत स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण प्रस्तावों को वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदन प्रदान किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने संबंधित जिलों से प्राप्त दरों के प्रस्तावों का परीक्षण कर उन्हें स्वीकृति दी। बोर्ड द्वारा स्वीकृत गाइडलाइन दरों की प्रति आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित कलेक्टरों को प्रेषित कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। इसके साथ ही संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया में नई दरों के आधार पर दस्तावेजों का मूल्यांकन किया जाएगा।
गाइडलाइन दरें संपत्ति के न्यूनतम मूल्य निर्धारण का आधार होती हैं, जिनके आधार पर पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी का आकलन किया जाता है। दरों के पुनरीक्षण का उद्देश्य बाजार परिस्थितियों, विकास गतिविधियों और क्षेत्रीय मूल्य परिवर्तनों के अनुरूप राजस्व प्रणाली को अद्यतन रखना है। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर दरों में संशोधन से न केवल राजस्व संकलन में सटीकता आती है, बल्कि संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है। कलेक्टर विनय लंगेह ने केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के निर्णय के बाद जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने उप-पंजीयक (रजिस्ट्रार) कार्यालय को नवीन गाइडलाइन दरों के अनुरूप पंजीयन कार्यों को सुव्यवस्थित ढंग से संपादित करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि आम नागरिकों, दस्तावेज लेखकों और संबंधित हितधारकों को नई दरों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पंजीयन के दौरान किसी प्रकार की भ्रम या असुविधा न हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नई गाइडलाइन दरों के लागू होने से संपत्ति पंजीयन, राजस्व संकलन तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुगमता आएगी। साथ ही, यह कदम अवैध मूल्यांकन या राजस्व हानि की संभावनाओं को भी कम करेगा। अधिकारियों का कहना है कि अद्यतन दरें बाजार मूल्य के अधिक समीप होती हैं, जिससे लेन-देन की वास्तविकता और सरकारी अभिलेखों के बीच संतुलन बना रहता है। उल्लेखनीय है कि गाइडलाइन दरों का निर्धारण राज्य की राजस्व व्यवस्था का अहम हिस्सा है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की स्वीकृति के बाद संबंधित जिलों में इन दरों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि संपत्ति पंजीयन से पूर्व नवीन दरों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेज तैयार करें, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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